विज्ञान

भारतीय चन्द्रयान अभियान से जुड़े कुछ रोचक तथ्य [Some interesting facts related to Indian Chandrayaan campaign]

चाँद सदियों से रहस्य का विषय बना हुआ है, और इसी रहस्य को जानने की जिज्ञास में पहली बार 1969 में अप्पालो 11 अंतरिक्षयान में मानव को चाँद पर भेजा। चाँद पर पहला मानव 20 जुलाई 1969 में नील आर्मस्ट्रोंग तथा दूसरा बज्ज एल्ड्रिन था। नील आर्मस्ट्रांग का यह कथन “इंसान का छोटा सा कदम, मानव जाति के लिये एक लम्बी छलाँग है। ” ने मानव जाति के लिए अंतरिक्ष के दवार खोल दिये।

1972 में अप्पोलो 17 NASA का आखरी मून मिशन था जिसमे चाँद की सतह पर मानव को उतारा गया। आखरी चाँद पर जाने वाला अंतरिक्ष यात्री युगीन सेरनन था। इसके बाद NASA ने अपने मून मिशन पर मानव को भेजना बंद कर दिया। एक बार फिर नासा 2021 में चाँद के दक्षिणी धुर्व पर ओरियन अंतरिक्ष यान से 4 अंतरिक्ष यात्री को उतारने की तैयारी में है।

भारत ने 15 अगस्त 1969 में अपने अंतरिक्ष प्रोग्राम की नीव रखी थी। भारत के अंतरिक्ष प्रोग्राम के जनक डॉ. विक्रम साराभाई है। साइकिल से शुरू इस सफर में भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो आज नये नये कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।

चंद्रयान-1

22 अक्टूबर 2008 में PSLV C-11 से ISRO ने चंद्रयान 1 का सफलता पूर्वक लॉन्च कर, अपने पहले ही प्रयास में चन्द्रमा के कक्षा में उपग्रह को स्थापित करने वाला भारत विश्व का पहला देश बन गया। चंद्रयान 1 ने पहली बार चाँद के धुर्वो पर पानी के होने के साक्ष्य उपलब्ध कराये। और साथ में चाँद की सतह की 3 डी मैपिंग की थी।

चंद्रयान-2 

चंद्रयान 2 अपने पहले मिशन चंद्रयान 1 से कुछ मायनो में अलग है। चंद्रयान 1 में चाँद की सतह पर एक ऑब्जेक्ट को फेंका गया था। लेकिन चंद्रयान 2 में चन्द्रमा की सतह पर लैंडर विक्रम की सॉफ्ट लेंडिंग करायी जायेगी। जो की इस अभियान का सबसे मुश्किल भाग है। इससे पहले इसरो ने किसी ग्रह,पिण्ड,या उपग्रह पर किसी ऑब्जेक्ट की सॉफ्ट लैंडिंग नहीं करायी है।

चंद्रयान 2 को भारत में बने स्वदेशी रॉकेट लांच व्हीकल बाहुबली यानि GSLV MARK 3 से 22 जुलाई 2019 को लॉच किया गया है। जिसने चंद्रयान को GTO में स्थापित किया है। यहाँ से इसकी कक्षा में 6 बार परिवर्तन किया जायेगा। और धीरे धीरे इसकी गति को बढ़ाया जायेगा।

चंद्रयान 2 का वजन 3.8 टन है। और इसके तीन मोडुअल है जिनमे 1 ऑर्बिटर 2. लैंडर (विक्रम ) 3. रोवर (प्रज्ञान )

चन्द्रयान 2 अभियान से जुड़े कुछ रोचक तथ्य

  1. चंद्रयान 2 का वजन लगभग 3850 किलोग्राम है
  2. चंद्रयान 2 मिशन में अनुमान के अनुसार, 1000 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं।
  3. chandrayaan 2 को सबसे पहले 2011 में रसियन मेन लैंडर और रोबर के साथ चाँद पर भेजा जाना था लेकिन रसिया ने कुछ ही समय बाद इन बातो से इंकार कर दिया क्योकि कोई देश नही चाहता की वो मेरे बराबरी करे |
  4. Russia के इनकार करने के बाद, इसरो ने अपना खुद का लैंडर बनाया और चंद्रयान 2 को चंद्रमा तक पहुंचने में मदद की।
  5. चंद्रयान 2 को चंद्रमा के दक्षिण ध्रुव क्षेत्र में भेजा गया है, इसका पुनर्जागरण यह है कि चंद्रमा का एक बड़ा हिस्सा छाया से छिपा रहता है।
  6. चंद्रमा के दक्षिणी धुव्र में बड़ा creator बहुत ही शांत है, इसलिए चंद्रयान 2 का मिशन यह है कि वह उस creator को अच्छी तरह से जांच सके और पता लगा सके कि मानव के लिए कोई जीवन मौजूद है या नहीं
  7. वहीं, दूसरा सबसे बड़ा मिशन यह है कि चंद्रमा पर पानी की मात्रा कितनी है, चंद्रमा पर खनिज सामग्री क्या है और वे कौन सी चीजें हैं जो इंसान के लिए फायदेमंद होंगी।
  8. इससे पहले, भारत के चंद्रयान 1 ने चंद्रमा पर पानी की पुष्टि की थी।
  9. 11 साल पहले भेजे गए चंद्रयान 1 ने चंद्रमा पर 3500 के आसपास परिचालित किया था और इसने 29 अगस्त 2009 से तेज गति से 212 दिनों तक अप्रभावित काम करना जारी रखा।
  10. फ्रेंड्स अगर आपको ओर भी चांद्रायण 2 की रोचक जानकारी जानना चाहते है तो यहां पर क्लिक करे

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